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बुद्ध ने कहा है,”तुम जैसे सोचेगे वैसा ही हो जाओग

अन्न से बनता है पहला शरीर , प्राणवायु से बनता है दूसरा शरीर , तो तीसरा शरीर निर्मित होता है विचार कि तरंगों से | विचार भी भोजन है | विचार भी वस्तु है | विचार भी शक्ति है | बुद्ध ने कहा है,”तुम जैसे सोचेगे वैसा ही हो जाओगे ; या तुम जैसा हो गए हो वह तुम्हारे सोचने (विचारों) का परिणाम है |