ना रईस हूँ , ना अमीर हूँ ...
न मैं बादशाह हूँ ना वजीर हूँ .
है.स्वामीजी
तेरा इश्क है मेरी सल्तनत ,मैं उसी सल्तनत का फ़क़ीर हूँ .......
खूबसूरत है वो लब ........ जिन पर ,
केवल श्री स्वामीजी की चर्चा है !!
खूबसूरत है ............ वो दिल जो ,
केवल श्रीस्वामीजी के लिये धडकता है !!
खूबसूरत है वो जज़बात जो ,
श्री स्वामीजी संग की भावनाओं को समझ जाए !!
खूबसूरत है.....वो एहसास जिस में ,
श्री स्वामीजी प्रेम ......की मिठास हो जाए !!
खूबसूरत हैं ....... वो बाते जिनमे ,
श्री स्वामीजी की बाते शमिल हो !!
खूबसूरत है.......वो आँखे जिनमें ,
श्री स्वामीजी के दर्शन की प्यास है !!
खूबसूरत है .... वो हाथ जो
श्री स्वामीजी की सेवा में लगे रहते है !!
खूबसूरत है........... वो सोच जिसमें ,केवल श्री स्वामीजी की ही सोच हो !!
खूबसूरत हैं .......... वो पैर जो ,
दिन रात केवल प्यारे श्री स्वामीजी की तरफ बढ़ते है !!
खूबसूरत हैं ...... वो आसूँ ,
जो केवल प्यारे श्री स्वामीजी के लिये बहते हैं !!
खुबसुरत हैं ....... वो कान ,
जो श्री स्वामीजी नाम का गुणगान सुनते है !!
खुबसुरत है वो शीश ........ जो
श्री स्वामीजी के चरणों में नमन को झुकता है
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जय बाबा स्वामी
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जय बाबा स्वामी