०१. गुरु हर प्रश्न का सही उत्तर है।
०२. गुरु हर मुश्किल की युक्ति है।
०३. गुरु परमज्ञान के भंडार है।
०४. गुरु पूर्ण मार्गदर्शक है।
०५. गुरु एक अहसास-अनुभूति है।
०६. गुरु संपूर्ण प्रेम है।
०७. गुरु सत्य-ज्ञान की वाणी है।
०८. गुरु हमारे जीवन का चमत्कार-आधार है।
०९. गुरु परमसखा-मित्र है।
१०. गुरु सकल ब्रह्मांडरुप है।
११. गुरु अध्यात्म की प्रत्यक्ष परिभाषा है।
१२. गुरु साक्षात् भगवानरुप है।
धन्य हैं वह लोग, जो गुरु के संपर्क में है। एवं उन्हें प्रत्यक्ष गुरु के सानिध्य में जीवन का कुछ ज्ञान और शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिला है।।
गुरु शब्द और गुरु का जीवन समुंदर की वह गहराई है, जिसका वर्णन कभी नहीं किया जा सकता है।।
"सब धरती कागज करूँ
लिखनी सब वनराय
सात सुमुंदर को मसि करूँ
पर गुरु गुण लिखा ना जाये"