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यह जीवन अवसर है कि तुम अमृत को तलाश लो।

यह जीवन अवसर है कि तुम अमृत को तलाश लो।
जिसने ध्यान तलाश लिया, अमृत हाथ लगता है।
और एक बूंद भी अमृत की मिल गयी तो फिर दुबारा न कोई आना है न कोई जाना है, न कोई जन्म है न कोई मृत्यु है।
फिर तुम शाश्वत के अंग हो। ध्यान तो खोज है--अंतर-खोज!
��ओशो��